सोफिया नई हैं, इन हिरोइनों ने पहले चुना सधुक्कड़ी का रास्ता
किसी अदाकारा को परदे पर रोमांटिक अदाएं बिखेरते देखना. अपनी फैंटेसी में उसके लिए जगह बनाना. फिर कुछ साल बाद उसी को संन्यासी का चोला धारण किए हुए देखना. थोड़ा अजीब सा लगता है लेकिन ऐसा कई अदाकाराओं ने किया है. ग्लैमर की दुनिया छोड़ कर सधुक्कड़ी की दुनिया में आई हैं ये हिरोइनें. शुरआत लेटेस्ट से करेंगे-
सोफिया हयात:
अभी ट्रेंड में हैं ये. कुछ वक्त पहले अपने इंस्टाग्राम एकाउंट में साध्वी वाले पोज में तस्वीरें अपलोड कीं. इसके पहले आपने देखा इनको बिग बॉस सीजन 7 में. नवंबर 2014 में भयंकर वाला बवाल काट दिया था. अपनी न्यूड फोटो डालकर. जब रोहित शर्मा ने श्रीलंका के खिलाफ 264 रन ठोक दिए थे. फिलहाल वो साध्वी बन गई हैं. भले इंस्टा साध्वी. ज्यादातर लोग कह रहे हैं ये किसी किस्म के प्रमोशन का हिस्सा हैं.
मंदाकिनी: एक जमाने में मंदाकिनी ग्लैमर क्वीन होती थी. ‘राम तेरी गंगा मैली’ फिल्म को लोग सिर्फ उनकी वजह से बार बार देखने जाते हैं. 1996 में लास्ट फिल्म आई जिसका नाम था जोरदार. इस बीच मोस्ट वांटेड डॉन दाउद इब्राहिम से अफेयर की अफवाहों का दौर रहा. 1995 में कभी बौद्ध साधु रहे डॉक्टर कग्यूर रिंपोचे ठाकुर से शादी कर ली. फिल्मी दुनिया से दूर होकर बौद्ध धर्म अपना लिया. दलाई लामा की फॉलोअर हो गई. मंदाकिनी अब फैमिली के साथ रहती हैं और तिब्बती योगा की क्लासेज चलाती हैं.
अनु अग्रवाल: हिंदी सिनेमा की बड़ी फिट थी फिल्म ‘आशिकी’. उसके गाने आज भी लोगों की फेवरेट लिस्ट में हैं. अनु अग्रवाल इस फिल्म लीड एक्ट्रेस थीं. लेकिन स्टारडम ज्यादा टिका नहीं. अनु की आखिरी फिल्म थी 1996 में आई ‘रिटर्न ऑफ ज्वेल थीफ’. 1999 में खतरनाक एक्सीडेंट के बाद 29 दिन तक कोमा में रही. अब बिहार में रहती हैं, योग गुरु हो गई हैं. वेट लिफ्टिंग वगैरह भी करती हैं. अपनी जिंदगी की उठापटक एक किताब में लिखी है, जिसका नाम है ‘अनयूजुअल: मेमॉयर ऑफ अ गर्ल हू केम बैक फ्रॉम डेड’.
ममता कुलकर्णी: ममता का तो जलवा ही और है. अभी पुणे में दो हजार करोड़ की ड्रग्स पकड़ी गई थी. पुलिस का आरोप था कि वो इनके पति विक्की गोस्वामी की है. खैर थोड़ा पीछे चलते हैं. पहली फिल्म थी तिरंगा और आखिरी थी 2002 में आई ‘कभी तुम कभी हम’. 1998 में छोटा राजन के साथ रिलेशन होने की अफवाह थी. कुछ वक्त बाद फिल्मी करियर थम गया. टीवी पर बिगबॉस सीजन 7 के लिए बुलावा आया जिसको मना कर दिया. सब खत्म होने के बाद संन्यासी हो गई. 12 साल के एक्सपीरिएंस पर एक किताब भी लिखी. ऑटोबायोग्राफी ऑफ ऐन योगिनी. उसके बाद खबरों से उड़न चिरैया हुईं तो दिखीं टीवी पर ये बताते हुए कि “हमने तो ड्रग्स का नाम भी नहीं सुना. हम तो आटे का कारोबार करते हैं.”
बरखा मदान: पहले थी मॉडल. 1996 में ‘खिलाड़ियों का खिलाड़ी’ फिल्म से बॉलीवुड में आ गईं. फिर जो गायब हुईं तो सात साल बाद आईं वापस फिल्म भूत में. 2002 में दलाई लामा से मिली तो मन खिंच गया बुद्ध की ओर. मन में खयाल आया नन बनने का और दलाई लामा जोपा रिंपोचे को अपनी मंशा बताई. पोप ने मना कर दिया. फिल्म इंडस्ट्री में वापस आ गई लेकिन मन में बात बैठ गई थी. 2012 में काठमांडू के बौद्ध मठ पहुंची और नन बन गई. नन बनने के बाद दो फिल्में बनाई हैं. एक का नाम ‘सोच लो’ और दूसरी ‘सुरखाब’.
मनीषा कोइराला: मनीषा नेपाल से आईं लेकिन नाम बनाया भारत में. हिंदी फिल्मों की टॉप हिरोइन थीं कभी. मन, अकेले हम अकेले तुम, दिल से और खामोशी जैसी बेहतरीन फिल्में की. 2010 में एक नेपाली बिजनेसमैन से शादी कर ली. और ये फेसबुक की जान पहचान से हुई शादी थी. 2012 में तलाक भी हो गया. इसी साल लास्ट में पता चला कि कैंसर की शिकार हो गई हैं. अमेरिका में इलाज चला और 2015 में कैंसर से राहत मिली. फिर अध्यात्म ने अपनी ओर खींचा और आ गई हरिद्वार. पायलट बाबा के आश्रम में महामृत्युंजय महायज्ञ में हिस्सा लिया. आजकल सोशल वर्क में रुचि ले रही हैं. पिछले साल नेपाल में भूकंप आया था तो उसके राहत कार्य में लगी थी. उनकी लेटेस्ट फिल्म ‘एदवापथी’ मलयालम में आने वाली है.
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